Viryatarlantak Capsule

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Description

वीर्यतरलान्तक कैपसूल (Viryatarlantak Capsule )
Viryatarlantak Capsule
घटक- 1 कैपसूल में घटकों की मात्रा – तुख्मरिहा 400 मिग्रा., कुक्ुकटाण्ड्वक भस्म 50 मिग्रा. वटजटा चूर्ण 50 मिग्रा., बंग भस्म 25 मिग्रा.।
भावना- त्रिफला क्वाथ।
रोग निर्देश – वीर्य की तरलता को दूर करने वाला कैपसूल। वीर्य तरलता से होने वाले शीघ्रपतन, स्वप्नदोष, धातुस्राव में उपयोगी है। यह वीर्य में शुक्राणुओं की भी वृ( करता है।
मात्रा एवं अनुपान : 1-2 कैपसूल प्रातः और रात्रि को सोते समय गर्म कर शीतल किये हुये दूध के साथ सेवन करायें।
विशेष – यदि वीर्य के पतलेपन के साथ नपुंसकता की भी शिकायत हो तो प्रातः व रात्रि को 1-1 कैपसूल क्लीवान्तक भी वीर्यतरलान्तक कैपसूल के साथ व्यवहार करना लाभदायक है।
पैकिंग – 500 कैपसूल, 120 कैपसूल, 60 कैपसूल।
घटक- 1 कैपसूल में घटकों की मात्रा- असगंध घनसत्व 100 मिग्रा., बंग भस्म 75 मिग्रा., तुख्मरिहा 100 मिग्रा., प्रवाल पिष्टी 50 मिग्रा., हीरा कसीस भस्म 50 मिग्रा., शु. कुपीलु 50 मिग्रा. , लौह भस्म 50 मिग्रा., स्वर्णमाक्षिक भस्म 25 मिग्रा.।
रोग निर्देश – यह कैपसूल किसी भी कारण से उत्पन्न शारीरिक दुर्बलता को दूर करने में अद्वितीय है। यह यकृत जन्य विकारों को दूर कर शरीर में रसरक्त तथा अन्य धातुओं को दुष्ट कर वजन बढ़ाने में सहायक है।
मात्रा एवं अनुपान : 1-1 कैपसूल सुबह तथा रात्रि को सोने से 1 घंटा पहले जल या दूध से लें।
पथ्य-अपथ्य : पौष्टिक आहार-विहार का सेवन पथ्य है। गरिष्ट तथा सुपाच्य भोजन अपथ्य है। रक्तवर्धक फल एवं सब्जियां विशेष उपयोगी है।
पैकिंग : 500 कैपसूल, 120 कैपसूल, 60 कैपसूल।
औषधि विवरण पत्रिका
गर्ग वनौषधि भण्डार

Additional information

NOS

60, 120, 500

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