Description
स्वर्ण चन्द्रोदय वटी (Swarn Chandroday Vati)
Swarn Chandroday Vati
घटक – 35 ग्राम वटी में घटकों की मात्रा – पूर्ण चन्द्रोदय रस 2.5 ग्राम, स्वर्ण बंग 2.5 ग्राम, बंग भस्म 5 ग्राम, शु. विषबीज 5 ग्राम, कौंच 10 ग्राम, त्रिफला चूर्ण 10 ग्राम।
रोग निर्देश – स्वर्ण चन्द्रोदय वटी सभी प्रकार के वीर्य सम्बन्धी विकारों और निर्बलता की अति उत्तम औषधि है। इसके सेवन से शीघ्रपतन, उत्तेजना अभाव आदि विकार दूर होकर कामशक्ति बढ़ जाती है।
मात्रा एवं अनुपान – 1-2 गोली प्रातः सायं दूध के साथ स्थायी लाभ के लिये। स्तम्भन वृद्वि के लिये सम्भोग से एक घंटा पूर्व पान में रखकर सेवन करें।
अपथ्य – लालमिर्च, गुड़, तैल, खटाई, मीठा, तले हुए और गरिष्ठ पदार्थों का सेवन न करें। दूध, सुपाच्य और पौष्टिक वस्तुओं का सेवन करें।
पैकिंग – 500 गोली, 60 गोली











































































































































































































































































































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