Description
भृंगराज कैपसूल (Bhringraj Capsule)
Bhringraj Capsule
घटक- 1 कैपसूल में घटकों की मात्रा – भृंगराज घनसत्व 200 मिग्रा., मधुयष्टि घनसत्व 75 मिगा्र., आमलकी घनसत्व 100 मिग्रा., स्वर्णमाक्षिक भस्म 25 मिग्रा., हरीतकी घनसत्व 100 मिग्रा.
रोग निर्देश-बालों का असमय झड़ना, सफेद होना आदि केश रोगों में बहु उपयोगी कैपसूल।
मात्रा एवं अनुपान – 1-2 कैपसूल सुबह, शाम जल के साथ।
पथ्य-अपथ्य – गरिष्ट पदार्थों का त्याग तथा पौष्टिक आहार का सेवन करें।
विशेष -भृंगराज कैपसूल क ेसाथ भृंगराज चूर्ण तथा भृंगराज तैल का प्रयेग शीघ्र लाभकर है इन तीनों औषधियों का समावेश केशरोगान्तक सैट में किया गया है।
पैकिंग : 500 कैपसूल, 120 कैपसूल, 60 कैपसूल।
घटक – 1 कैपसूल में घटकों की मात्रा- पथ्यादि क्वाथ घनसत्व 200 मिग्रा., शिरःशूलादि वज्र रस 100 मिग्रा., गोदन्ती भस्म 50 मिग्रा., कपर्द भस्म 50 मिग्रा., स्वर्णमाक्षिक भस्म 50 मिग्रा. कामदुधा रस 50 मिग्रा.।
मात्रा एवं अनुपान : 1-2 कैपसूल सुबह-शाम जल के साथ। तीव्रशूल की अवस्था में 2 कैपसूल एक साथ जल के साथ। स्थायी लाभ के लिये 3-6 माह तक प्रयोग करें।
रोग निर्देश – यह कैपसूल विशेश अनुसंधान के पश्चात प्रस्तुत किया गया है। यह अर्धावभेदक ;माइग्रेनद्ध में विशेष उपयोगी है इसके अतिरिक्त अन्य शिरःशूल यथा पैत्तिक शिरःशूल, अनन्तवात, सूर्यावर्त में भी लाभकर है।
पथ्यापथ्य – पित्तवर्धक आहार तथा यथा- चाय, कॉफी आदि का सेवन हानिकारक है। सुपाच्य भोजन लाभकर है।
पैकिंग : 500 कैपसूल, 120 कैपसूल, 60 कैपसूल।
औषधि विवरण पत्रिका
गर्ग वनौषधि भण्डार











































































































































































































































































































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