Description
सुकर्ण ईयर डŞाप (Sukarna Ear Drop)
Sukarna Ear Drop
घटक- 100 मिली. औषधि में घटकों की मात्रा – क्षार तैल ;रसतंत्रसारद्ध 50 मिली., बिल्वादि तैल ;रसतंत्रसारद्ध 50 मिली.।
रोग निर्देश – विभिन्न प्रकार के कर्ण विकार यथा कर्णस्राव, कर्णपूय, कर्णकण्डू, कर्णशूल ,कर्ण वार्धिय आदि में उपयोगी औषधि।
पैकिंग- 10 मिली.।
घटक- 28 ग्राम अर्शोघ्न में घटकों की मात्रा – अर्शोघ्न तैल 21.50 ग्राम, मोंम 6.50 ग्राम, कूठ मीठा, कलिहारी, पाषाणभेद, कन्नेर की जड़, दन्तीमूल, बायविडंग, चित्रक, हरताल, मनशिल, चूक लकड़ी, थूहर, मदार, गेंदा की पत्ती प्रत्येक 19-19 ग्राम, तिल तैल 1 किलो द्वारा तैयार किया हुआ तैल।
रोग निर्देश- शुष्क वातज तथा रक्तज अर्श में उपयोगी मरहम।
व्यवहार विधि – सुबह, शाम तथा शौच जाने के प्रत्येक बार मलहम का प्रयोग करें। मलहम को मस्से पर लगाकर उंगली से 5-7 मिनट तक धीरे-धीरे मलना चाहिये। अर्श सबसे अन्दर की ओर हो तो नली के ऊपरी ढक्कन को खोलकर उस पर मलहम लगायें। मलहम अन्दर पहुंच जायेगी।
विशेष- यदि खूनी बवासीर है तो सफेद फिटकरी का थोड़ा सा चूर्ण पानी में डालकर गर्म करें और ठण्डा करके आवदस्त के समय प्रयोग करें। साथ ही अर्शान्तक कैपसूल तथा बाबलीघास कैपसूल का प्रयोग भी करना चाहिये।
अपथ्य : गरम तथा कब्ज करने वाले पदार्थो का व्यवहार नहीं करना चाहिये।
पैकिंग – 28 ग्राम ट्यूब, 10 ग्राम ट्यूब।
औषधि विवरण पत्रिका
गर्ग वनौषधि भण्डार











































































































































































































































































































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