Description
चर्म रोगारि तैल (Charm Rogari Tail)
Charm Rogari Tail
घटक- महामरिच्यादि तैल 100 मिली., करंज तैल 20 मिली. निम्ब तैल 20 मिली., तुवरक तैल 20 मिली.।
रोग निर्देश – खाज, खुजली, चकत्ते, सोरायसिस, श्वेतकुष्ठ, फोड़ा, फुंसी आदि चर्म विकारों में विशेष उपयोगी तैल।
प्रयोग विधि – नींम की पत्तियों को पानी में उबालकर उससे पीड़ित भाग को अच्छी तरह धोने के बाद दिन में 2-3 बार रुई से इस तैल को लगायें।
विशेष – चर्मरोगारि तैल के साथ यदि गर्ग निर्मित चर्मरोगान्त्क कैपसूल, निम्बादि चूर्ण, पंचतिक्तघृत कैपसूल आदि का प्रयोग भी कराया जावे तो विशेष लाभ होता है।
पैकिंग – 400 मिली., 100 मिली.।
औषधि विवरण पत्रिका
गर्ग वनौषधि भण्डार












































































































































































































































































































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