Description
वातान्तक वटी (Vatantak Vati)
Vatantak Vati
घटक – 500 मि.ग्रा टेबलेट में घटकों की मात्रा – हरड़ 60 मिग्रा., सोंठ 50 मिग्रा., ग्वार पाठा 50 मिग्रा., सुरंजान 50 मिग्रा., सनाय 50 मिग्रा., एरण्ड 50 मिग्रा., इन्द्रायण 20 मिग्रा., शु0 गूगल 170 मिग्रा.।
रोग निर्देश – यह गोलियां आमवात, सन्धिशूल, गृध्रसी तथा अन्य वात विकारों में लाभप्रद औषधि है।
मात्रा एवं अनुपान : 1-2 गोली दिन में 2-3 बार जल या दूध के साथ सेवन करें।
विशेष- यह वातान्तक वटी के साथ गर्ग द्वारा निर्मित वातान्तक कैपसूल का भी प्रयोग करावा जावे, तो विशेष लाभ होता है। गर्ग निर्मित रास्ना घनसत्व भी वात रोगों ेमं विशेष लाभकर है। बाह्य प्रयोग के लिये गर्ग वातनौल तेल या मलहम का उपयोग विशेष लाभकर हैं।
पथ्य – हरे साग तथा पौष्टिक फलों का सेवन करें।अपथ्य – वात वर्धक आहार-विहार का निषेध करें। पैकिंग – 500 गोली, 60 गोली।












































































































































































































































































































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