Description
जीर्ण प्रतिश्याय हर वटी (Jeern Pratishyay Har Vati )
Jeern Pratishyay Har Vati
घटक- गुलवनफसा 1 किलो, गांजवा 1 किलो, लिसौड़ा 1 किलो, उन्नाव 1 किलो, मुलहठी 1 किलो, खतमी 1 किलो, त्रिकुटा 1 किलो सभी द्रव्यों का घनसत्व बनाकर गोलियों का निर्माण किया गया।
रोग निर्देश- जीर्णप्रतिश्याय हर वटी का सेवन करने से समस्त प्रकार के नवीन या जीर्ण प्रतिश्याय नष्ट होते हैं। इसके अतिरिक्त यह खांसी, श्वास को भी शीघ्र नष्ट करती है और कफ को पतला करके निकाल देती है। जिससे फेफड़े एवं श्वास नलिका साफ हो जाती है। यह गोलियां प्रतिश्याय जन्य शिरःशूल में भी उपयोगी है।
मात्रा एवं अनुपान – 1-2 गोली दिन में 2-3 बार गर्म जल से।
पैकिंग – 1 किले, 500 ग्राम, 100 ग्राम।
औषधि विवरण पत्रिका
गर्ग वनौषधि भण्डार











































































































































































































































































































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